जर्नी ऑफ़ सोल्स: आत्मा की यात्रा का अनोखा दस्तावेज़
माइकल न्यूटन की पुस्तक «जर्नी ऑफ़ सोल्स» आध्यात्मिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है। यह पुस्तक उन २९ केस स्टडीज़ पर आधारित है जहाँ न्यूटन ने गहरी सम्मोहन थेरेपी के माध्यम से लोगों को उनके पिछले जन्मों और मृत्यु के बाद के अनुभवों तक पहुँचाया। यह पुस्तक पाठक को आत्मा की उस यात्रा में ले जाती है जो एक शरीर की मृत्यु के बाद शुरू होती है और नए जन्म से पहले तक चलती है। journey of souls michael newton book की खोज करने वाले पाठकों के लिए, यह एक गहन और प्रामाणिक मार्गदर्शक है।
सम्मोहन से प्रकट हुआ आत्मिक संसार
न्यूटन की पद्धति, जिसे अब लाइफ़ बिटवीन लाइव्स थेरेपी के नाम से जाना जाता है, के माध्यम से क्लाइंट्स ने जो अनुभव साझा किए, वे अद्भुत रूप से समान थे। उन्होंने एक चमकदार, शांतिपूर्ण प्रकाश, प्यार की गहन अनुभूति, और एक ऐसे स्थान का वर्णन किया जो घर जैसा महसूस होता था। इसी शोध को आगे बढ़ाते हुए न्यूटन ने अपनी अगली पुस्तक «डेस्टिनी ऑफ़ सोल्स» लिखी।
आत्मा का स्थान और उसके समूह
पुस्तक के मुख्य सिद्धांतों में सोल प्लेसमेंट और सोल ग्रुप्स का विचार बहुत महत्वपूर्ण है। न्यूटन के अनुसार, हर आत्मा एक विशेष स्तर या ‘प्लेसमेंट’ पर होती है, जो उसके विकास के अनुसार तय होता है। साथ ही, आत्माएँ सोल ग्रुप्स में रहती हैं — ऐसे समूह जिनमें आपस में गहरा पारिवारिक और शिक्षक-शिष्य का बंधन होता है। ये समूह कई जन्मों तक साथ रहते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं।
मार्गदर्शक और जीवन की योजना
दो जन्मों के बीच के समय में, आत्माएँ अपने स्पिरिट गाइड्स और शिक्षकों के साथ मिलकर अगले जन्म की योजना बनाती हैं। इस योजना में सीखने के पाठ, चुनौतियाँ और रिश्ते शामिल होते हैं। इस पूरी प्रक्रिया पर एक उच्च समिति, जिसे काउंसिल ऑफ़ एल्डर्स कहा गया है, की नज़र होती है। वे आत्मा के विकास का मार्गदर्शन करते हैं। journey of souls michael newton book में इस जीव
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